Programming Language क्या है और कितने प्रकार की होती है |

कंप्यूटर एक जनरल Purpose Machine  है, जो कम समय में बहुत सारे कैलकुलेशन को करता है  |
पर क्या आपको यह पता है कि कंप्यूटर खुद कुछ नहीं करता है इसको  मनुष्य द्वारा निर्देश दिया जाता है, तो यह काम करता है |किसी भी कंप्यूटर को जो Instruction दिया जाता है उसे प्रोग्राम करते हैं ,और कंप्यूटर Binary  संख्या 0 और 1 को ही समझता है, कंप्यूटर किसी भी प्रोग्राम को पहले कंपाइलर द्वारा 0 और 1 के Form में चेंज करता है , फिर उसको Execute करता है |

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प्रोग्रामिंग लैंग्वेज  क्या है (What is Programming Language)- 
 जैसे हमें किसी मनुष्य से बात करने के लिए जैसे लैंग्वेज की जरूरत पड़ती है उसी प्रकार कंप्यूटर से बात करने केलिए हमें इस प्रकार की लैंग्वेज की जरूरत पड़ती है जिसे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज करते हैं |
“प्रोग्रामिंग लैंग्वेज एक प्रकार की लैंग्वेज होती है जिसके द्वारा हम कंप्यूटर से बात कर सकते हैं या उसको इंस्ट्रक्शन दे सकते  हैं |”
Programming Language  के प्रकार -
कंप्यूटर को Instruction  देने के लिए कुछ हम कुछ प्रोग्राम है लैंग्वेज उसका यूज़ करते हैं |


1-Machine Language-
कंप्यूटर एक मशीन है,  जिस लैंग्वेज को कंप्यूटर समझता है उसे मैसेंजर उस करते हैं | मशीन लैंग्वेज 0 और 1 मिलकर बनी होती है |
अगर हमें कुछ भी लिखना हो तो हम उस Binary form 10101011 में लिखेंगे, तब कंप्यूटर समझेगा  यह Bits आपस में मिलकर कोई नाम या प्रोग्राम बना रही हैं |


Advantage -
1. Machine Language काफी Fast  Run होती है क्योंकि इसमें किसी भी प्रकार का
Translator (Compiler or Assembler ) की जरूरत नहीं होती है |


Disadvantage -
1. मशीन लैंग्वेज के प्रोग्राम को Debug करने में काफी प्रॉब्लम आते हैं |
2.  अगर प्रोग्राम  के आउटपुट में किसी प्रकार का  Error आता है तो उसको दूर करने में बहुत ही मुश्किल  होती है |


2. Assembly Language-
Assembly Language एक Low -level language  होती है जो Microprocessor और Other में
डिवाइस में इस्तेमाल की जाती है |
Assembly Language  में हम एक प्रकार का इस्तेमाल करते हैं जो लो लेवल लैंग्वेज को मशीन लैंग्वेज में बदल देता है , जिससे की कंप्यूटर उसे आसानी से समझ जाता है, और उसको एक्सक्यूट कर देता है |


Advantage- 
1. इसके प्रोग्राम Execution  स्पीड Fast होती है |
2. यह Hardware Oriented होता है |
3. उसमें हम आसानी से insertion और deletion ऑपरेशन परफॉर्म कर सकते हैं |


Disadvantage-
1. हम किसी Long प्रोग्राम को Small Computer में Execute नहीं कर सकते |
2. इसके Syntax  को याद रखने में काफी प्रॉब्लम होती है |


3.High-Level Language- 

हाई लेवल लैंग्वेज एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज होती है जिसमें हम Character, Text और Symbol का इस्तेमाल करके Program लिखते हैं |
 हाई लेवल लैंग्वेज किसी भी प्रकार के प्रोसेसर पर कार्य कर सकती है इसको आसानी से समझा जा सकता है,
कि इंग्लिश ऐसे ही लगती है |  हाई लेवल लैंग्वेज को कंपाइलर का इस्तेमाल करके मशीन लेवल लैंग्वेज में बदला जाता है जिससे कि कंप्यूटर उसे आसानी से समझ सके |
 Example- COBOL, FOR TRAIN, JAVA etc.


Advantage-
1. इसको लिखने पढ़ने व समझने में आसानी होती है |
2.  यह किसी भी प्रकार के प्रोसेसर पर काम पड़ सकता है |
3. हाई लेवल लैंग्वेज में प्रोग्राम को Maintain करना काफी सरल होता है |


Disadvantage-
1. Execution  टाइम थोड़ा ज्यादा लेता है मशीन लैंग्वेज के मुकाबले | 
2. कंप्यूटर हाई लेवल लैंग्वेज को Directly नहीं समझ पाता है इसके लिए हमें Compiler  या
Interpreter का इस्तेमाल करना पड़ता है| 

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Translator in Programming Language-
1.Compiler-
Compiler किसी भी प्रोग्राम को एक साथ Read करता है और उसको मशीन लैंग्वेज में कन्वर्ट कर देता है अगर Conversion के दौरान प्रोग्राम में किसी भी प्रकार की Error आती है, तो आपको आपके कंप्यूटर पर Show करता है जिससे कि आप उसको सही कर अपने प्रोग्राम को एक्सक्यूट कर सकते हैं |
2.Linker-
  जब हम कोई प्रोग्राम लिखते हैं और हम उस प्रोग्राम में Module बनाते हैं या यूज करते हैं,
तो Linker उस Module को एक दूसरे से लिंक कर देता है |
3. Interpreter-
 इंटरप्रेटर एक हाई लेवल लैंग्वेज ट्रांसलेटर होता है |
Interpreter  हमारे प्रोग्राम को Line By Line Read करता है और Execute  करता है, अगर Reading
के समय किसी भी लाइन में किसी प्रकार की Error आ जाती है तो वह आपको बताता है और आप जब तक उस Error को Solved नहीं करते तब तक आप उस प्रोग्राम को Execute नहीं करा सकते |

Conclusion-

इस पोस्ट में जाना की Programming Language क्या है और कितने प्रकार की होती है,  इसके अलावा हमने Programming Language Advantage और Disadvantage के बारे में भी जाना और साथ ही साथ हमने देखा के Programming Language Translator कितने प्रकार के होते हैं और यह काम कैसे करते हैं |
 दोस्तों  मैं उम्मीद करता हूं कि हमारी यह पोस्ट Programming Language क्या है और कितने प्रकार की होती है |आपको जरूर पसंद आई होगी |


Programming Language क्या है और कितने प्रकार की होती है | Programming Language क्या है और कितने प्रकार की होती है | Reviewed by Anubhav singh on July 05, 2019 Rating: 5

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