Cyber Crime in Hindi | Cyber Crime क्या है |


दोस्तों जैसा कि हम सब जानते हैं कि आज की दुनिया इंटरनेट के मामले में काफी एडवांस हो गई है |

 चीज की जरूरत पड़ती है जैसे, ऑनलाइन शॉपिंग(Online Shopping) करना,  movie डाउनलोड करना, या किसी भी प्रकार का कोई Transaction करना, हम  अपने सारे काम ऑनलाइन (Online) इंटरनेट (Internet) के द्वारा ही करते हैं |

कुछ लोग हमारी जानकारियों(Information) को चोरी करते हैं, और उसका गलत इस्तेमाल करते हैं |

दोस्तों आज हम लोग इसी के बारे में बात करने वाले हैं, साइबर क्राइम (Cyber Crime)क्या होता है या से या साइबर सिक्योरिटी(Cyber Security) क्या है ,हम लोग कैसे इस से बच सकते हैं |


साइबर क्राइम क्या है /(What is Cyber Crime)

दोस्तों  Cyber crime  एक प्रकार की अपराधिक (Criminal) गतिविधियां (Activity)होती हैं जो कि कंप्यूटर, कंप्यूटर डिवाइसेज(Computer Devices) और नेटवर्क (Network)  की सहायता से पूर्ण की जाती है |

डाटा चोरी करना, डाटा भेजना(Data Selling), अकाउंट हैक(Account Hacking) करना,  पायरेसी फैलाना या, वायरस फैलाना यह सब साइबर क्राइम(Cyber crime) के अंतर्गत आता है|

किसी के कंप्यूटर के हार्डवेयर डिवाइसेज को या फिर मोबाइल डिवाइस उसको सॉफ्टवेयर के थ्रू(Through) डैमेज करना  Data  मिटा देना भी Cyber crime के अंतर्गत आता है |



cyber lock



Cyber Crime के  कुछ प्रमुख प्रकार के अटैक जो आए  दिन इंटरनेट पर होते रहते हैं -


1. कॉल या एसएमएस (Call or SMS)-

 दोस्तों इस टाइप के अटैक में क्रिमिनल द्वारा यूजर के फोन पर कॉल या एसएमएस आता है कि आपने  1000000 या फिर भाई इस टाइप के प्राइसेस(Lottery) आपने जीते हैं | अगर आपको

इनाम  की  राशि  चाहिए तो आप अपना बैंक अकाउंट(Bank Account) की डिटेल जैसे आईएफएससी कोड(IFSC Code),ओटीपी (OTP) देना होगा कुछ यूजर पैसे के लालच में आकर सारी इनफार्मेशन उस क्रिमिनल को दे देते हैं और  उसका शिकार बन जाते हैं |

 और फिर वह हैकर उनको काफी नुकसान पहुंचाता है और उनके सारी मेहनत की कमाई को उनके अकाउंट से गायब कर देता है|

2. फिशिंग पेज (Phishing page)-

 दोस्तों इस टाइप के अटैक में क्रिमिनल यहां के द्वारा किसी बड़ी  वेबसाइट कैसे फेसबुक(Facebook) , ट्विटर(Twitter), E-Mali,के एक   पेज बनाता है |

और उसको व्हाट्सएप के थ्रू, फेसबुक के थ्रू ,या फिर मैसेज के थ्रू  users तक पहुंच जाता है,   और यूज़र समझ नहीं पाता है कि यह पेज फेक है या रियल और वह उस पेज के थ्रू अपने अकाउंट में लॉग-इन करने की कोशिश करता है,  जबकि वह पेज रियल होता ही नहीं है और जैसे ही वह अपना यूजर नेम और पासवर्ड इंटर करता है और सबमिट करता है उसकी इंफॉर्मेशन हैकर के पास पहुंच जाती है और वह है कर उसके अकाउंट को हैक करके उसका गलत इस्तेमाल करता है और यूजर को ब्लैकमेल भी करता है

3. जंक मेल (Junk Mail or Spam Mail )-

 दोस्तों इस टाइप के अटैक में यूजर के मेल पर जंक मेल भेजे जाते हैं और उस मेल में रहता है कि आपने आई फोन 6(I phone-6) से जीत लिया है या फिर आपकी लॉटरी लग गई है और उसके नीचे एक Link दिया रहता है और कर बोलता है कि Link पर क्लिक करें और अपनी Information फील करके  अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर ले |

 कुछ इस को सच मान के लिंक पर क्लिक करते हैं और सारे फॉर्म भरकर सबमिट कर देते हैं, और सारी इंफॉर्मेशन हैकर के पास पहुंच जाती है और वह उसका गलत इस्तेमाल करके User कि सारे पैसे अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लेता है |

4-मोबाइल एप्लीकेशन (Mobile Application or Android Apps)-

 दोस्तों हमें कोई भी  Application डाउनलोड करनी होती है तो हम  Play Store पर जाते हैं ,लेकिन  Play Store पर भी सारी  Application 100% सिक्योर (Secure) नहीं है |

 जब हम किसी भी एप्लीकेशन को प्ले स्टोर से Download करते हैं और उसको अपने फोन में  Install करते हैं,  और जब वह एप्लीकेशन हम से  Permission मांगती हैं, तो हम बिना कुछ सोचे समझे सारी परमिशन उसको  Allow कर देते हैं,  हम यह भी नहीं देखते हैं कि उसने परमिशन किस चीज के लिए मांगी है |

 दोस्तों कुछ एप्लीकेशन हमारे इसी बात का फायदा उठाते हैं  और जब हम  Allow दे देता है, तो वह उसके फोन में घुसकर उस का सारा डाटा  चोरी करके  हैकर को भेज देते हैं  और हो उस इंफॉर्मेशन   को बेच देते हैं या फिर मिस यूज करते हैं |

5. वायरस ( Virus or Warms)-

 वायरस एक प्रकार का प्रोग्रामिंग लैंग्वेज(Programming language) या प्रोग्रामिंग स्क्रिप्ट(Programming Script) का टुकड़ा होता है जो खुद को  Copy करने में सक्षम होता हैं |

 वायरस में किसी भी  Computer या डिजिटल  डिवाइस सो को  Destroy करने की क्षमता होती है , और   Destroy करने के साथ है वह उस कंप्यूटर की याद डिजिटल डिवाइस के सारी इनफार्मेशन को समाप्त कर देता है |

 हैकर इसका इस्तेमाल किसी भी संस्थान के डाटा को चोरी करने करप्ट करने या फिर उसको मिटाने के लिए यूज करते हैं |

6. पासवर्ड हैकिंग  (Password Hacking)-

 पासवर्ड हैकिंग  मैं हैकर यूजर के पासवर्ड को रिकवर करने की कोशिश करता है इस काम में वह सीक्रेट पासवर्ड यूज करता है |
 इस प्रकार के पासवर्ड को कंप्यूटर के डाटा में  Store और Transmit किया जाता है |

7. पॉर्नोग्राफी (Pornography)-

 पोर्नोग्राफी के अंतर्गत कुछ लोग किसी की प्राइवेसी के साथ छेड़छाड़ करते हैं और उनकी  अश्लील फोटोस या वीडियोस को Digital Devices उसकी मदद से  internet या Social sites आदि जगहों पर प्रकाशित करते हैं, जोकि एक कानूनन अपराध है |

 पॉर्नोग्राफी(Pornography) देखना शेयर करना यह सब एक प्रकार  Cyber Crime के अंतर्गत अपराध है |

Pornography में आजकल छोटे-छोटे बच्चों के साथ अश्लील वीडियोस बनाकर इंटरनेट पर अपलोड करते हैं,  Child Pornography के अंतर्गत आता है, यह  प्रकार का  Cyber Crime  है |

 Pornography को साहित्य , विज्ञान, धर्म  आदि से जुड़े कामों के लिए अवैध माना जाता है |


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मुख्य रूप से हैकर दो प्रकार के होते हैं-

1- व्हाइट हैट हैकर्स ( White Hat Hackers)

2- ब्लैक हैट  हैकर्स (Black Hat Hackers)


1- व्हाइट हैट हैकर्स (White Hat Hackers )- 

व्हाइट   हैट हैकर सारा काम लीगल वे(legal way) में करते हैं जैसे  किसी भी ऑर्गेनाइजेशन ,Government Sector प्राइवेट पब्लिक ,  डिफेंस सिस्टम,  वेबसाइट, इन सबके प्रमुख  दस्तावेजों Data और इंफॉर्मेशन  को सुरक्षा प्रदान करते हैं |

 एक तरह से देखा जाए तो व्हाइट है हैकर हमारी सुरक्षा (Secure)करते हैं किसी भी ऑनलाइन अटैक हैकिंग  Scam  से  |

like Ethical hackers.

2.-ब्लैक हट हैकर(Black Hat Hackers) -

 ब्लैक डेकर सारे काम  इन लीगल वे करते हैं जैसे बिना परमिशन के किसी भी ऑर्गेनाइजेशन(Organization) का डाटा चुराना वेबसाइट हैक(Website Hack) करना,  किसी का पर्सनल अकाउंट हैक(Personal Account Hacking) करना,  किसी का पर्सनल डाटा चुराना और उसको भेज देना यह सब ब्लैक हट हैकर के द्वारा किया जाता है जो जो के किसी भी व्यक्ति या किसी भी ऑर्गनाइजेशन को नुकसान पहुंचाता है |

Cyber Attack से कैसे बचे - 

1. किसी भी प्रकार के फेक कॉल जिसमें आपको बताया जाए कि आपने  कुछ   इनाम जीता है, और आपसे आप की डिटेल्स (Details)पूछी जाए तो आपको बिल्कुल भी कोई भी इंफॉर्मेशन (Information)देने की जरूरत नहीं है |  बल्कि आपको अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी कंप्लेंट करनी चाहिए और इस प्रकार के फर्जी कॉल या एसएमएस (Fake call or SMS)से दूर रहना चाहिए |

2.   किसी भी वेबसाइट में यह अकाउंट में लॉगइन करने से पहले उसको अच्छे से चेक करें कि यह उसका ओरिजिनल (Original) होमपेज (Homepage) है या फिर कोई फेक पर है उसके बाद  उस में लॉग इन करें |

 या फिर आप उसकी ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर लॉगइन करें किसी के भी लिंक से लॉगइन ना करें.|

3. अपने फोन में या अपने सिस्टम में एक अच्छी क्वालिटी (Quality)का एंटीवायरस (Antivirus) जरूर रखें और उसको समय-समय पर अपडेट करते रहें |

 किसी भी मोबाइल फोन के Application को परमिशन देने से पहले यह जरूर चेक करें कि क्या यह परमिशन उस Apps के लिए जरूरी है या फिर वह आपके Data को चुराने के लिए यह परमिशन मांग रहा है |

 इस प्रकार के Applications से हमेशा दूर रहे |

4. किसी भी ऑनलाइन साइट जिस पर आप शॉपिंग(Shopping) करते हो Transaction करते हो,  इस Websites पर आप कभी भी अपने ATM Card, Debit Card, या  Pen Card की डिटेल को  Save ना करें Transaction करने के बाद सारी इनफार्मेशन को उस Website से डिलीट कर दें या मिटा दें |

5.  आप जब किसी वेबसाइट पर या Application कोई भी अकाउंट क्रिएट करें तो उसका  Password strong रखें राखी कोई भी हैकर अटैक करके आपके पासवर्ड को हैक ना कर पाए|

Top cyber Security Courses In India-

1. CompTIA Security 

2.GIAC SECURITY ESSENTIALS CERTIFICATIONS.

3. SYSTEMS SECURITY CERTIFIED PRACTITIONER.

4. CERTIFIED INFORMATION SYSTEMS AUDITOR.

5. CERTIFIED INFORMATION SECURITY MANAGER.

Cyber Low In India-

 इंटरनेट पर  बढ़ती  हुई इन लीगल एक्टिविटी को ध्यान में रखकर भारत सरकार ने कुछ Cyber Low बनाएं -


1.पॉर्नोग्राफी (Pornography)-

 कानून -

 आईटी एक्ट 2008 की धारा 67A

 आईपीसी की धारा  292, 293, 294 और 500  के अंतर्गत |

 सजा -

 अगर गलती पकड़ी जाए तो 5 साल की जेल या ₹1000000 तक का जुर्माना हो सकता है |

 और अगर कोई व्यक्ति गलती दोबारा करता है तो उसको 7 साल की सजा |

2 .हैकिंग(Hacking) -

 कानून-

  आईटी  एक्ट 2008 की धारा   43 A  और

  आईपीसी की धारा 406 के तहत  कार्यवाही |

 सजा-
   3 साल की जेल या 500000 तक का जुर्माना |

3. डाटा चोरी -

 कानून-

   आईटी एक्ट 2008 की धारा 43 B धारा  66 E

   आईपीसी की धारा 379, 405, और 420 के तहत  कार्यवाही |

 सजा-

   अपराध साबित होने पर 3 साल की जेल या 1000000 लाख तक का जुर्माना |

4. फिशिंग Page और वायरस(Phishing Page, Virus)-

 कानून-

   आईटी एक्ट 2000 की धारा 77 B

   आईटी एक्ट 2008 की धारा 66D

   आईपीसी की धारा 417 419 420 के तहत कानूनी कार्यवाही |

 सजा-
   3 साल तक की जेल या जुर्माना |

Conclusion-

 दोस्तों मैं आशा करता हूं कि मेरी आज की पोस्ट Cyber Crime kya hota hai होता है |

 जिसके बारे में मैंने आपको जानकारी दी है |

 मैं उम्मीद करता हूं कि आपको Cyber Security क्या है ,या Cyber Crime क्या है अच्छे से समझ में आया होगा |

 हमें यह भी उम्मीद है कि आपको Cyber Low in India की जानकारी मिल गई होगी और आपको इस प्रकार के Cyber attack se Kaise Safe rhe इसका पता चल गया होगा |


 दोस्तों अगर आपको मेरी पोस्ट पसंद आई हो तो  इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें |


Cyber Crime in Hindi | Cyber Crime क्या है | Cyber Crime in Hindi | Cyber Crime क्या है | Reviewed by Anubhav singh on June 02, 2019 Rating: 5

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