Sunday, July 14, 2019

वर्डप्रेस क्या है और कैसे काम करता है? -Allinhindi

दोस्तों अगर आप एक Personal Website या Blog बनाने के बारे में सोच रहे हैं तो अपने WordPress का नाम तो सुना ही होगा दुनिया में लाखों वेबसाइट WordPress पर बनाए जाते हैं |
 तो आज हम जानेंगे कि WordPress क्या है in Hindi, WordPress पर वेबसाइट कैसे बना सकते हैं |


w character



 WordPress क्या है (What is WordPress)-
 WordPress  Open Source Softwareहोता है, जिसको CMS (Content Management System) Framework भी कहा जाता है जहां पर आप अपने Text,Image, Video और भी बहुत सारा डाटा इंटरनेट पर स्टोर कर सकते हैं,  Manage कर सकते हैं,   और  साथी साथ अपनी वेबसाइट पर डिस्प्ले भी कर सकते हैं |
WordPress पर आप साइट या ब्लॉक डेवलप करके उससे आप अच्छे खासे  Online Earning भी कर सकते हैं |
 WordPress क्यों (why WordPress)-
 जब हम किसी वेबसाइट को बनाते हैं तो उसके लिए  हमें Programming Language Knowledge होना चाहिए  अगर आपके पास किसी भी प्रकार की Programming  Language Knowledge नहीं है तो आप किसी प्रोफेशनल को Hireकर सकते हैं उसको अपनी सुविधा के अनुसार  अपनी वेबसाइट स्को डिवेलप करा सकते हैं जिसके लिए वह डेवलपर आप से अच्छे खासे पैसे लेगा |
 इसके अलावा आप WordPress की मदद से वेबसाइट को खुद डिवेलप या डिजाइन कर सकते हैं |   इसको Manage करने के लिए हमें किसी भी कोडिंग इसकी की जरूरत नहीं पड़ती है WordPress पर बहुत प्रकार की थी और Plugin फ्री में उपलब्ध है जिसकी मदद से हम अपनी वेबसाइट को प्रोफेशनल वेबसाइट    बना सकते हैं |
WordPress मदद से हम Blog , Dynamic Website या फिर E-commerce हर प्रकार की वेबसाइट बना सकते हैं |

WordPress पर वेबसाइट कैसे बनाएं -
WordPress पर वेबसाइट बनाने के लिए सबसे पहले हमें  Hosting और एक Domain Name चाहिए होता है |
 Hosting और Domain Name आप किसी भी वेबसाइट Develop कर सकते हैं |
Hosting आ जाने के बाद हम Hosting And Domain name को आपस में Name Server की मदद से कनेक्ट कर देते हैं, अपने होस्टिंग के C-panel में  जाकर हमें  WordPress Install कर लेना है वर्डप्रेस इंस्टॉल करना बहुत ही सरल  है |
WordPress को इंस्टॉल करने के बाद हमें कोई अच्छी सी Theme जो हमको अच्छे लगे उसे Install कर लेना है अपने वेबसाइट या ब्लॉग को डिजाइन कर सकते हैं अपने हिसाब से |

electronic devices


Hosting क्या है -
Hosting का मतलब होता है Space जैसे जब हम कोई भी घर बनाते हैं तो उसके लिए पहले Space खरीदते हैं उसी प्रकार इंटरनेट की दुनिया में भी अगर हमें कोई वेबसाइट या ब्लॉग बनाना है तो से पहले हमें Space लेना होगा जिससे इंटरनेट की दुनिया में Hosting कहा जाता है, Hosting में हम अपने वेबसाइट के Back-End पर काम करते हैं|

Domain Name -
Domain Name मतलब Name जैसे हमें किसी आदमी को बुलाने के लिए उसके नाम का इस्तेमाल करना पड़ता है उसी प्रकार इंटरनेट में भी हमें अपनी वेबसाइट का कोई नाम देना पड़ता है जिससे लोगों को पता चले और ज्यादा से ज्यादा लोग उस वेबसाइट पर विजिट करें |

WordPress के फायदे -
WordPress हमें बहुत सारे Feature और Tools Provide करता है जिसकी मदद से हम अपनी वेबसाइट या ब्लॉक की Security, Search Engine Optimization और भी बहुत चीजों को इंप्रूव कर सकते हैं |
WordPress पर एक free Software होता है, जिसके लिए कोई पैसे Pay नहीं करना होता है |

Conclusion -
 दोस्तों  WordPress किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग को बनाने के लिए एक बहुत ही सिंपल तरीका होता है इसकी मदद से हम काफी अच्छी अच्छी वेबसाइट बना सकते हैं,  इस पोस्ट में हमने जाना कि WordPress क्या है और कैसे काम करता है,  WordPress पर वेबसाइट कैसे बना सकते हैं,   साथ ही साथ हमने यह भी देखा कि Hosting और Domain Name यह क्या होते हैं,  अगर यह पोस्ट आपको अच्छी लगे तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करें |

Related Post---


Wednesday, July 10, 2019

VPN क्या है और कैसे काम करता है? - AllinHindi

अगर आप इंटरनेट  कनेक्शन चाहते हैं कोई ब्लॉक साइट जब कॉलेज गवर्नमेंट के द्वारा ब्लॉक कर दी गई हो Virtual Private Network(VPN) के द्वारा किसी भी चीज को हैक करना और कोई Track भी ना कर पाए |

 आज हम इस पोस्ट में जानेंगे कि VPN क्या है(What is VPN) है यह काम कैसे करता है और हम लोग इसका इस्तेमाल कैसे कर  सकते हैं |

smartphone


VPN क्या है(What is VPN)-
VPN का पूरा नाम  Virtual Private Network होता है इनकी मदद से हम अपने कंप्यूटर के IP को चेंज करके किसी दूसरी Country के IP को यूज कर सकते हैं इस तरह से हम अपनी कंट्री में किसी भी ब्लॉक वेबसाइट को इसलिए  Access कर सकते हैं |
VPN का उपयोग मुख्य रूप से पहचान छुपाने के लिए होता है |
  इंडिया में अभी कुछ समय पहले Indian Government ने पॉर्न बैन करती तो अगर हम पोर्न साइट्स को एक्सेस करना चाहते हैं तो हम भी पीएम के थ्रू किसी और  कंट्री के आईपी से कनेक्ट होकर पोर्न साइटों को Access कर सकते हैं ,पर यह illegal है |

VPN काम कैसे करता है -

electronic devices


 मार्केट में बहुत प्रकार के पेड़ और फ्री VPN आपको  आसानी से मिल जाएंगे,  दोस्तों जब हम VPN Software अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर में इंस्टॉल करते हैं, और उसका इस्तेमाल किसी दूसरी कंट्री केसर व का यूज करके करते हैं,  जब हम किसी दूसरी कंट्री के सर्वर से कनेक्ट होते हैं तो विपिन हमारे मेन आईडेंटिटी को छुपा रहता है और हमारा लोकेशन भी उस कंट्री का शो करने लगता है जिसको हमने  VPN के द्वारा चुना है  |
और उसके बाद हम आसानी से उस कंट्री कि IP को यूज करके कुछ भी सर्च कर सकते हैं |

VPN का इस्तेमाल -
 अगर आप Virtual Private Network(VPN) का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो आप VPN  सॉफ्टवेयर को अपने कंप्यूटर या फिर स्मार्टफोन में उस को इंस्टॉल करना पड़ेगा |
VPN हमारे ओरिजिनल आईडी को चेंज कर एक New Id हमें Provide करता है और जब भी हम कुछ इंटरनेट पर सर्च करते हैं तो यह में Anonymous बना देता है जिससे कि किसी को भी हमारी ओरिजिनल आईडी का पता नहीं चल पाता है |

Virtual Private Network(VPN) के फायदे -
1. विपिन का यूज करके हम अपने ओरिजिनल identity को छुपा सकते हैं |
 जैसे जब किसी एक्टर को कोई भी कॉल या शॉपिंग करनी होती है तो वह अपनी आइडेंटिटी छुपा कर यह काम करते हैं |
2. VPN  का इस्तेमाल गवर्नमेंट भी करती है Criminal को पकड़ने में |

Virtual Private Network(VPN) के नुकसान-
1.  VPN का इस्तेमाल करके अगर आप कुछ  गलत काम करते हैं तो इसके लिए आप को जेल भी हो    स क ती   है|
2. VPN का इस्तेमाल बहुत से लोग हैकिंग करने के लिए भी करते हैं जो कि एक  illegal  काम है |


Conclusion-
दोस्तों इस पोस्ट से तो आपको यह पता चल ही गया होगा कि VPN क्या है(What is VPN) यह काम कैसे करता है और हम  Virtual Private Network(VPN) को कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं |  Virtual Private Network(VPN) का इस्तेमाल एक illegal काम होता है तो आप इससे बचकर ही रहे, अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगे तो अपने दोस्तों को जरुर शेयर करें |

Dark Web क्या है कैसे काम करता है








Sunday, July 7, 2019

Dark Web क्या है कैसे काम करता है- AllInHindi

दोस्तों अगर इंटरनेट की बात की जाए तो इंटरनेट दो प्रकार का होता है |
 Surface Web-  Surface Web वह बेव है जो हम लोग यूज़ करते हैं मतलब Simple यूज़र सर्व कर सकते हैं , जो पूरे इंटरनेट का 4 % होता है |

human and binary numbers


Dark Web-
 Dark Web वह  Web होता है जो Hackers कर यूज करते हैं illegal कामों के लिए |

 हम इस पोस्ट में जानेंगे Surface web,Dark Web, Deep Web क्या होता है |

Surface Web-
 जब हम को कोई भी साइट विजिट करनी होती है तो हम Simply GOOGLE, Yahoo, या  Bing  जैसे सर्च इंजन का इस्तेमाल करके वेबसाइट को विजिट करते हैं उसको Access करते हैं |
 कोई भी एक्सेस कर सकता है,  और इसके लिए हमें किसी विशेष प्रकार के ब्राउज़र की भी आवश्यकता नहीं होती है |
 Surface web  पूरे इंटरनेट का बस  4%   होता है |

Deep Web -
Deep Web यह से लिंक होते हैं जिसको हम गूगल पर सर्च करके एक्सेस नहीं कर सकते,   प्रकार के वेब कुछ Special Link बनाए जाते हैं और उनको कुछ यूजर्स में बांट दिए जाते हैं
 जिससे कि उस वेबसाइट्स को कोई और यूजर विजिट ना कर सके  |

उदाहरण-
 जैसे कोई बैंक  की वेबसाइट जिस पर  "/"  लगाकर ऐसे लिंग  बनाए जाते हैं और जिसको गूगल को इंडेक्स करने से मना कर दी जाता है और फिर फिर उस लिंग को बैंक के कर्मचारियों में बांट दिया जाता है
 जिससे कि उस लीगो बस उस बैंक के कर्मचारी ही एक्सेस कर सकेंगे |

Dark Web-
 Dark Web Direct Access  नहीं कर पाते हैं, इस प्रकार की वेबसाइट हमें गूगल में नहीं मिलते हमें वेबसाइट को एक्सेस करने के लिए एक स्पेशल ब्राउज़र TOR Browser का इस्तेमाल करना पड़ता है|
Dark web को हम बस TOR Browserके द्वारा ही visit कर सकते हैं, TOR Browser हमें anonymous रखता है और हमारी IP के Relay बना देता है जिससे कि हमें कोई ट्रैक नहीं कर पाता |
 इसके अलावा आप VPN(Virtual Private Network) के जरिए भी Dark Web वेब एक्सेस कर सकते हैं, VPN  से एक्सेस करने के लिए  आपके पास बहुत सारे VPN  होने चाहिए,  जिनका यूज करके हम डार्क वेब को एक्सेस कर सकते हैं |

TOR Browser क्या है -


text image

TOR Browser एक प्रकार का ब्राउज़र होता है जिसका उपयोग हम डार्क वेब वेब को Access करने में करते हैं |
 जब हमें कोई साइट Dark Web पर विजिट करने रहती हैं तो जब हम
TOR Browser से इंटरनेट पर एक्सेस करते हैं  तब
TOR Browser बहुत सारे विपिन इस्तेमाल करता है और वह अपनी IP को हमेशा चेंज करता रहता है |
 बहुत सारे VPN यूज करने की वजह से Routing बन जाती है जिसको Backtrack करना बहुत ही मुश्किल होता है और इस प्रकार से हम अपनी आईडी को छुपा सकते हैं |
 TOR ब्राउज़र की वेबसाइट की Domain Name Ending  .onion  से होती है |

TOR Browser के नुकसान-
 डार्क वेब पर बहुत सारी illegal एक्टिविटी होती रहती है |
 डार्क विजिट करना खतरे से खाली नहीं होता है आप किसी भी प्रकार की परेशानी में पड़ सकते हैं |
 Dark Web  पर फेक ID एडिट का Details, Fake Passport और भी बहुत कुछ इलीगल तरीके से बेचे जाते हैं |
Conclusion- 


आज हमने इस पोस्ट में देखा  की Dark Web क्या है कैसे काम करता है,  और साथ ही साथ हमने यह भी देखा कि TOR ब्राउज़र क्या होता है और कैसे काम करता है, मैं आशा करता हूं कि यह जानकारी आपको    पसंद आई होगी,  इस पोस्ट पर अपने दोस्तों के साथ  जरूर को शेयर करें |














Friday, July 5, 2019

Programming Language क्या है और कितने प्रकार की होती है |

कंप्यूटर एक जनरल Purpose Machine  है, जो कम समय में बहुत सारे कैलकुलेशन को करता है  |
पर क्या आपको यह पता है कि कंप्यूटर खुद कुछ नहीं करता है इसको  मनुष्य द्वारा निर्देश दिया जाता है, तो यह काम करता है |किसी भी कंप्यूटर को जो Instruction दिया जाता है उसे प्रोग्राम करते हैं ,और कंप्यूटर Binary  संख्या 0 और 1 को ही समझता है, कंप्यूटर किसी भी प्रोग्राम को पहले कंपाइलर द्वारा 0 और 1 के Form में चेंज करता है , फिर उसको Execute करता है |

coding text



प्रोग्रामिंग लैंग्वेज  क्या है (What is Programming Language)- 
 जैसे हमें किसी मनुष्य से बात करने के लिए जैसे लैंग्वेज की जरूरत पड़ती है उसी प्रकार कंप्यूटर से बात करने केलिए हमें इस प्रकार की लैंग्वेज की जरूरत पड़ती है जिसे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज करते हैं |
“प्रोग्रामिंग लैंग्वेज एक प्रकार की लैंग्वेज होती है जिसके द्वारा हम कंप्यूटर से बात कर सकते हैं या उसको इंस्ट्रक्शन दे सकते  हैं |”
Programming Language  के प्रकार -
कंप्यूटर को Instruction  देने के लिए कुछ हम कुछ प्रोग्राम है लैंग्वेज उसका यूज़ करते हैं |


1-Machine Language-
कंप्यूटर एक मशीन है,  जिस लैंग्वेज को कंप्यूटर समझता है उसे मैसेंजर उस करते हैं | मशीन लैंग्वेज 0 और 1 मिलकर बनी होती है |
अगर हमें कुछ भी लिखना हो तो हम उस Binary form 10101011 में लिखेंगे, तब कंप्यूटर समझेगा  यह Bits आपस में मिलकर कोई नाम या प्रोग्राम बना रही हैं |


Advantage -
1. Machine Language काफी Fast  Run होती है क्योंकि इसमें किसी भी प्रकार का
Translator (Compiler or Assembler ) की जरूरत नहीं होती है |


Disadvantage -
1. मशीन लैंग्वेज के प्रोग्राम को Debug करने में काफी प्रॉब्लम आते हैं |
2.  अगर प्रोग्राम  के आउटपुट में किसी प्रकार का  Error आता है तो उसको दूर करने में बहुत ही मुश्किल  होती है |


2. Assembly Language-
Assembly Language एक Low -level language  होती है जो Microprocessor और Other में
डिवाइस में इस्तेमाल की जाती है |
Assembly Language  में हम एक प्रकार का इस्तेमाल करते हैं जो लो लेवल लैंग्वेज को मशीन लैंग्वेज में बदल देता है , जिससे की कंप्यूटर उसे आसानी से समझ जाता है, और उसको एक्सक्यूट कर देता है |


Advantage- 
1. इसके प्रोग्राम Execution  स्पीड Fast होती है |
2. यह Hardware Oriented होता है |
3. उसमें हम आसानी से insertion और deletion ऑपरेशन परफॉर्म कर सकते हैं |


Disadvantage-
1. हम किसी Long प्रोग्राम को Small Computer में Execute नहीं कर सकते |
2. इसके Syntax  को याद रखने में काफी प्रॉब्लम होती है |


3.High-Level Language- 

हाई लेवल लैंग्वेज एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज होती है जिसमें हम Character, Text और Symbol का इस्तेमाल करके Program लिखते हैं |
 हाई लेवल लैंग्वेज किसी भी प्रकार के प्रोसेसर पर कार्य कर सकती है इसको आसानी से समझा जा सकता है,
कि इंग्लिश ऐसे ही लगती है |  हाई लेवल लैंग्वेज को कंपाइलर का इस्तेमाल करके मशीन लेवल लैंग्वेज में बदला जाता है जिससे कि कंप्यूटर उसे आसानी से समझ सके |
 Example- COBOL, FOR TRAIN, JAVA etc.


Advantage-
1. इसको लिखने पढ़ने व समझने में आसानी होती है |
2.  यह किसी भी प्रकार के प्रोसेसर पर काम पड़ सकता है |
3. हाई लेवल लैंग्वेज में प्रोग्राम को Maintain करना काफी सरल होता है |


Disadvantage-
1. Execution  टाइम थोड़ा ज्यादा लेता है मशीन लैंग्वेज के मुकाबले | 
2. कंप्यूटर हाई लेवल लैंग्वेज को Directly नहीं समझ पाता है इसके लिए हमें Compiler  या
Interpreter का इस्तेमाल करना पड़ता है| 

computer image

Translator in Programming Language-
1.Compiler-
Compiler किसी भी प्रोग्राम को एक साथ Read करता है और उसको मशीन लैंग्वेज में कन्वर्ट कर देता है अगर Conversion के दौरान प्रोग्राम में किसी भी प्रकार की Error आती है, तो आपको आपके कंप्यूटर पर Show करता है जिससे कि आप उसको सही कर अपने प्रोग्राम को एक्सक्यूट कर सकते हैं |
2.Linker-
  जब हम कोई प्रोग्राम लिखते हैं और हम उस प्रोग्राम में Module बनाते हैं या यूज करते हैं,
तो Linker उस Module को एक दूसरे से लिंक कर देता है |
3. Interpreter-
 इंटरप्रेटर एक हाई लेवल लैंग्वेज ट्रांसलेटर होता है |
Interpreter  हमारे प्रोग्राम को Line By Line Read करता है और Execute  करता है, अगर Reading
के समय किसी भी लाइन में किसी प्रकार की Error आ जाती है तो वह आपको बताता है और आप जब तक उस Error को Solved नहीं करते तब तक आप उस प्रोग्राम को Execute नहीं करा सकते |

Conclusion-

इस पोस्ट में जाना की Programming Language क्या है और कितने प्रकार की होती है,  इसके अलावा हमने Programming Language Advantage और Disadvantage के बारे में भी जाना और साथ ही साथ हमने देखा के Programming Language Translator कितने प्रकार के होते हैं और यह काम कैसे करते हैं |
 दोस्तों  मैं उम्मीद करता हूं कि हमारी यह पोस्ट Programming Language क्या है और कितने प्रकार की होती है |आपको जरूर पसंद आई होगी |


Wednesday, June 19, 2019

What is Artificial Intelligence (AI) in Hindi - AllinHindi



दोस्तों आज की टेक्नोलॉजी दिन प्रतिदिन काफी एडवांस होती जा रही है आजकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नए नए अविष्कार नई-नई खोजें हो रही है आज हम इस पोस्ट के  माध्यम से ऐसे ही एक फ्यूचर टेक्नोलॉजी, Artificial Intelligence  के बारे में जानेंगे |


artificial mind


 Artificial Intelligence क्या है -

Artificial Intelligence दो शब्दों से मिलकर बना है ,  Artificial और  Intelligence ,  Artificial  का मतलब किसी भी चीज  जिसको Human ने बनाया हो और वह Natural ही नहीं हो तो उसको हम Artificial कहते हैं,  और Intelligence का मतलब जिसमें सोचने और समझने की क्षमता हो |
Artificial Intelligence कंप्यूटर इंजीनियरिंग ब्रांच होती है इसमें हम मशीनों को  मनुष्य के जैसा  सोचना समझना और व्यवहार  करने का तरीका सिखाते हैं |

Example of Artificial Intelligence(AI) -
कुछ महत्वपूर्ण Artificial Intelligence के उदाहरण जिसको हम अपने रोज की जिंदगी में यूज करते हैं |

1. Google Assistance -
Google Assistance गूगल का एक प्रोडक्ट जो कि लगभग हर  फोन में,  सिस्टम में  या जो गूगल यूज करता है उसके डिवाइस में रहता है |
 यह आपके प्रश्न को सुनकर और समझकर आपको सभी प्रकार का जवाब देता है,  जैसे हमको इंटरनेट पर कुछ भी सर्च करना होता है तो बिना टाइप किए बस ओके गूगल बोलकर हम  अपना प्रश्न पूछते  हैं और गूगल असिस्टेंट हमें उसका जवाब देता है |

2. Cortina -  Cortina भी एक Artificial Intelligence है जो माइक्रोसॉफ्ट ने बनाया है यह माइक्रोसॉफ्ट के हर ऑपरेटिंग सिस्टम में होता है
  यह भी गूगल असिस्टेंस  जैसे ही काम करता है|

3.Siri -  Siri भी एक Artificial Intelligence है जिसे एप्पल कंपनी ने बनाया है Siri खासकर एप्पल के प्रोडक्ट जैसे Iphone,iPaid, Mac, में  यूजर की सुविधाओं के लिए दिया जाता है ,  यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी बाकी दो के जैसे ही काम करता है |
  जब हम किसी भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कुछ भी  पूछते हैं तो वह हमारे बातों को समझ कर हमें उस से Related Answer देता है |

 Artificial Intelligence (AI)Programming Languages-

  Artificial Intelligence समझाने के लिए हम प्रोग्रामिंग लैंग्वेज उसका यूज़ करते हैं ,जिसकी मदद से हम किसी भी Artificial Intelligence(AI) को      कंट्रोल कर सकते हैं,उसको Instruction दे सकते हैं |

 कुछ महत्वपूर्ण प्रोग्रामिंग लैंग्वेज इन Artificial Intelligence बनाने में करते हैं |
1.Python
2.Ruby Rails(RR)
3.Lisp
4.Java
5.prolog

Human mind



 Top Artificial Intelligence Institute -

इंडिया का कोच महत्वपूर्ण संस्थान जहां हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  मास्टर कोर्स कर सकते हैं |


1.IIITB Bangalore

2.IIIT Hyderabad

3.University of Hyderabad

4.IIT Madras

5.IISc Bangalore

6.ISI Kolkata

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  कैसे काम करता है -


आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को समझने के लिए सब पहले हमें
कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक  को जानना बहुत जरूरी होता है |

1.Learning

2.Reasoning

3.problem solving

4.Reasoning Ability

5.perception

6.knowledge

Conclusion-
दोस्तों इस पोस्ट में हमने देखा कि Artificial Intelligence क्या है, Artificial Intelligence काम कैसे करता
है,और हम किसी भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बनाने के लिए
कौन सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज इसका यूज कर सकते हैं  |
और इसके अलावा हमने यह भी देखा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के  उदाहरण जिसको हम अपने जीवन में रोज रोज use करते हैं |

Thursday, June 13, 2019

Software क्या है और उसके प्रकार >Allinhindi.in

 आज हम  इस पोस्ट में देखेंगे कि सॉफ्टवेयर क्या होते हैं और कितने प्रकार का होता है, इसकी मदद से हम कोई भी काम कैसे करते हैं  |

आज के समय में आपके फोन या आपके कंप्यूटर में अगर सॉफ्टवेयर नहीं तो फिर आपका फोन या कंप्यूटर किसी काम का नहीं है, किसी फोन या कंप्यूटर को चलाने के लिए सॉफ्टवेयर बहुत जरूरी होता है |


write software

What is Software-

Software कांबिनेशन  होता है प्रोग्राम और कंप्यूटर Instruction का जो कंप्यूटर को चलाने में मदद करता है |
  Software set of Instruction होता है जो किसी भी काम को करने के लिए उपयोग किया जाता है | सॉफ्टवेयर को हम हम देख सकते हैं यूज कर सकते हैं अपने सिस्टम में पर हम सॉफ्टवेयर को छू नहीं सकते

सॉफ्टवेयर की आवश्यकता-
 हमें अपने कामों को सरल बनाने के लिए सॉफ्टवेयर की आवश्यकता पड़ी |
 जैसे -
1.संदेश भेजना |
 2.इंटरनेट यूज करना |
3.सूचनाओं को संग्रहित करना  |
4.मनोरंजन के लिए |


Type of Software-
 मुख्यतः सॉफ्टवेयर चार प्रकार के होते हैं|

1.System Software.
2.Application Software.
3.Programming Software.
4.Custom Software .

1. System Software - सिस्टम सॉफ्टवेयर एक प्रकार का Software होता है जो कंप्यूटर हार्डवेयर और एप्लीकेशन प्रोग्राम को एक दूसरे से कनेक्ट करता है,  जिससे कि वह अपना अपना काम यूजर के Requirement के According कर सकें |
 Example - Drivers, Server, Bios.

 जब हम कोई वीडियो Play करते हैं तो हमें वीडियो के साथ उसकी Voice भी सुनाई देती है साउंड कार्ड के द्वारा हमें वॉइस सुनाई देती है और साउंड कार्ड एक हार्डवेयर  सिस्टम है|
System Software दोनों के बीच कनेक्शन बनाता है  और ऑपरेशन परफॉर्म करता है |

software structure


2. Application Software-
Application Software, Software होते हैं जो कंप्यूटर पर कोई ना कोई Task परफॉर्म करते रहते हैं , जोकि इंडिविजुअल  काम करने के लिए बनाया जाता है |
 एग्जांपल- MS Office, Game, image editing Software.

3. Programming Software-

Programming Software वह Software होते हैं,  जो हेल्प करते हैं,  किसी  दूसरे Software को बनाने में |
 उदाहरण-   Text Editor  Etc.
 और हम कोई भी Software PHP में बनाना चाहते हैं तो PHP में जो  कोड  लिखा जाता है वह Text Editor में लिखा जाता है ,  Text Editor Programming Software होता है किस की हेल्प से अदर Software बना सकते हैं|

4. Custom software-

 Custom Software वह Software होते हैं जो क्लाइंट के According बनाए जाते हैं |
उदाहरण-
 किसी कॉलेज में जब हम Attendance का Software बनाते हैं तो हम उसे कॉलेज के according बनाते हैं |

 जैसे -
 Banking System, School System, Hospital System इत्यादि|

Software  कैसे बनते हैं -

किसी भी प्रकार का Software प्रोग्रामिंग लैंग्वेज से मिलकर बना होता है , Software बनाने के लिए हमें कुछ ऐसे लोगों की जरूरत पड़ती है  जिनको को programming languages का  ज्ञान होता है,  ऐसे लोगों को Software Developer या Programmer कहां जाता है |
सभी Programming Languages को अलग-अलग प्रकार से work किया जाता है |
अलग अलग सॉफ्टवेयर को बनाने के लिए अलग-अलग प्रकार की   प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेस जैसे, JAVA, PYTHON, C, C++, PHP, .NET और भी बहुत प्रकार की Programming Languages इस्तेमाल होती है |

Conclusion-
इस पोस्ट के द्वारा हम लोगों ने देखा कि Software क्या होता है कितने प्रकार का होता है ,और सॉफ्टवेयर काम कैसे करता है |

मैं ऐसा करता हूं  मेरी यह पोस्ट क्या है और उसके प्रकार आप लोगों को  जरूर पसंद आया होगा

Sunday, June 9, 2019

Earn money online | Online Earning के तरीके.. allinhind.in


हेलो दोस्तों जैसा कि आप सभी जानते हैं कि आज के Time में  Market में Jio के आ जाने से Internet काफी सस्ता हो गया है |
 तो आप लोग जरूर सोचते होंगे कि  Internet का Use करके  कुछ  Online  Earning कर लिया जाए,  पर एक सवाल आपके मन में जरूर आता होगा कि आखिर  Online Earning  कैसे करें |
 आज हम लोग  इसी के बारे में बात करेंगे कि Internet के मदद से हम   Online  Earning कैसे कर सकते हैं जैसे बाकी सब करते हैं |
 मैं इस पोस्ट के जरिए आप सभी को बताऊंगा  कि आप कैसे Real में Internet से   Online  Earning कर सकते हैं वह भी बिल्कुल genuine method से |


computer and money


1. Digital Marketing -

आज के समय में  Digital Marketing एक बहुत ही अच्छा माध्यम बन चुका है Online Earning का  इसके अंतर्गत  कंपनी अपने प्रोडक्ट को ऑनलाइन कस्टमर तक पहुंचाते हैं और कस्टमर उन प्रोडक्ट को Buy  करता है |
 डिजिटल मार्केटिंग के पार्ट्स जैसे ,SEO(Search Engine Optimization) Website Development, Websites Designing, Online Marketing, Social Sites Marketing इत्यादि |

 आज के समय में Digital Marketing के बहुत सारे Course Online Available हैं ,  आप उन Course करके एक अच्छे  Digital Marketer बन सकते हैं |


2. Websites Development -

 दोस्तों आज के दौर में Websites Development एक बहुत ही अच्छा तरीका है Online Earning करने का इसकी मदद से आप  हजारों , लाखों रुपए कमा सकते हैं |
 दोस्तों अगर कोई Client आपसे Websites Develop करने को बोलता है तो आप उसे Website Develop करके दे सकते हैं और तुरंत पैसे कमा सकते हैं |

 अगर आपको Programming Languages की Skills नहीं भी है तब भी आप बहुत सारे Frameworks जैसे Wordpress.com, Jumila.com, or Blooger.com का Use करके बहुत ही सुंदर  Website बना कर  उसे अपने Client को दे सकते हैं या फिर Google में  Publish करके उससे Online Earning कर सकते हैं |

3.YouTube -

 आज Youtube दुनिया की एक बहुत बड़ी  Website बन चुकी है,  अगर आपको  Videos बनाने के शौकीन है और आपको किसी भी प्रकार की Knowledge चाहे वह किसी भी Field जैसे Technology,Cooking, Comedy,Singing, Dancing etc, तो आप उसकी Video Record करें और YouTube पर Upload कर दे इस तरह से आप के Videosको जितने ज्यादा लोग देखेंगे  या शेयर करेंगे तो आपकी अच्छी खासी  Online Earning हो जाएगी |

4. Freelancing -

Freelancing  एक बहुत ही अच्छा PlatForm है Online Earning का इसके अंदर कुछ  Websites जैसे  freelancer.com ,upwork.com   Websitesपर जाकर आपको अपना  Registration करना है |
इन  Websites पर Daily Basis पर हजारों Projects जैसे Websites Development,Apps Development,Content Writing और भी बहुत सारे  Project Upload किए जाते हैं |
  आप अपने  Skills के हिसाब से उन Project को  Pick करके और Develop करके Client को Hand Over करके  अच्छी खासी Online Earning कर सकते हैं |

 कस्टमर आपको PAYPAL, Wire Transfer, Bank Transfer के जरिए आपको आपकी Amount पहुंचा देते हैं |

men and dollar



5. Blogging -

   अगर आपको किसी भी Field लिखने का शौक हो तो Blogging आपके लिए एक बहुत ही अच्छा Platform है,  Online Earning का , इसकी मदद से आप अपने Blog को  Create कर उसे Live Google में Publish कर सकते हैं ,इसके लिए आप कुछ साइड जैसे blogger.com wordpress.com का Use कर सकते हैं |  Blog लिखने के बाद उसको Publish करने के बाद आप उसे Google के Adsense Program से Verified करा कर अच्छी खासी Online Earning कर सकते हैं |


इसे भी जरूर देखें-



6. Content Writing- 

 आज के समय में बहुत सारी कंपनी अपनी वेबसाइट के लिए  Article लिखवाती है, और उसके बदले आपको पैसे देती हैं |
 आप जितनी अच्छी Quality का Content  Provide करेंगे आपको उतना ही फायदा होगा |
 Content Writing भी एक अच्छा माध्यम है Online Earning का |

7.Affiliate marketing -

अगर आप किसी Website या YouTube के मालिक है और आपकी Website या YouTube पर अच्छा  Traffic आता है तो,  Affiliate marketing एक बहुत ही अच्छा माध्यम हो सकता है Online Earning का , Affiliate marketing में आप बड़ी-बड़ी  e-commerce Companies जैसे Amazon, Flipkart, Ebay  के प्रोडक्ट्स को अपनी Websites या YouTube चैनल पर Linked कर दें,  अगर कोई विजिटर उस लिंक पर क्लिक करके कोई  product buy करता है तो आपको उस प्रोडक्ट कुछ commision मिल जाता है इस तरह से आप Affiliate marketing के जरिए बहुत सारी Online Earning कर सकते हैं |

8.PTC Websites-

PTC का मतलब Pay To Click होता है इसके अंतर्गत आपको कुछ Websites पर जाकर जहां  विज्ञापन   Video form में text केForm में दिखाए जाते हैं,  आपको विज्ञापन पर क्लिक करना होता है जिसके लिए वह वेबसाइट आपको पैसे देते हैं|

 पीटीसी साइट्स भी Online Earning करने का एक अच्छा तरीका है,  पर इन वेबसाइटों पर आपको   रोज रोज काम करना होता है|
Starting में यह वेबसाइट थोड़ा कम पैसे पर करती है पर धीरे धीरे पैसे बढ़ा देते हैं |


 दोस्तों मैं आशा करता हूं कि आज की मेरी पोस्ट Earn money online आप लोगों को समझ में आई होगी और साथ ही साथ Online Earning के तरीके भी आपको पता चल गया होंगे कि हम इंटरनेट के द्वारा कैसे Online Earning कर सकते हैं |
अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगे तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करें |